शाखा से संपर्क करने से पहले परियोजना का आकलन करें
मान लें कि झारखंड की कोई मरम्मत कार्यशाला पुराने उपकरण बदलना चाहती है। उसके वित्तपोषण अनुरोध में खरीद का अनुमान, अपेक्षित उपयोग अवधि, रख-रखाव खर्च और सामान्य खर्चों के बाद उपलब्ध आय दिखनी चाहिए। ग्राहकों से भुगतान देर से मिले तब भी प्रस्तावित किस्त संभालने योग्य होनी चाहिए। अल-खैर की शाखा सूची जमशेदपुर में धतकीडीह और मानगो के कार्यालय बताती है। आवेदक यह मानने के बजाय कि ये कार्यालय पूरे राज्य में ऑनलाइन ऋण देते हैं, समिति से अपने पते के लिए सदस्यता और सेवा क्षेत्र पूछें। विशेष शाखा से पूछताछ में आवश्यक दस्तावेज और अनुबंध की संरचना स्पष्ट करने का अवसर भी मिलता है।
सामूहिक धन से जुड़े अधिकार निर्धारित करें
झारखंड का सहकारी समिति पंजीयक सहकारी व्यवस्था के अंतर्गत सदस्य नियंत्रण, आर्थिक भागीदारी और आधिकारिक निगरानी का विवरण देता है। संयुक्त रूप से वित्तपोषित कार्यशाला में इन संचालन सिद्धांतों को स्वामित्व, अधिकृत खर्च और खातों तक पहुँच के लिखित निर्णयों में बदलें। दान देने वाले व्यक्ति के अधिकार व्यवसाय के भागीदार या मूलधन वापस पाने की अपेक्षा रखने वाले व्यक्ति जैसे नहीं होते। व्यवस्था को मुशारका बताया जाए तो धन जुटाने से पहले लाभ वितरण, नुकसान की जिम्मेदारी और कानूनी साधन पर विशेषज्ञ सलाह लें। उपकरण की खरीद में कोई बदलाव हो तो योगदानकर्ताओं को सूचित करें और अंतिम आपूर्ति का प्रमाण रखें।
